Saturday, August 1, 2026
Love is not a blank cheque
Love is not a blank cheque. It has an expiration date when it is met with continuous disrespect.
Credit- Jaswinder Singh Baidwan
Wednesday, September 24, 2025
Tuesday, September 23, 2025
Monday, September 22, 2025
आ जाऊँ जो अपनी आई पर
ख़ास हो तुम मेरे लिए तो मुझे आम ना समझो
आ जाऊँ जो अपनी आई पर
तो मैं ख़ुद पर भी तरस नहीं खाता
Sunday, September 14, 2025
आईने
फेंक दिए है मैंने सारे
ये आईने नहीं किसी काम के
बस इक उसकी आँखों में ही
अच्छा दिखता था चेहरा मेरा
Friday, September 12, 2025
कलयुग
उसे मानना ईच्छा नहीं एक सुखी इंसान की
बस मजबूरी एक डरे हुए लाचार की है
कलयुग है पार्थ
यहाँ तलाश भगवान की नहीं चमत्कार की है
Thursday, September 11, 2025
क़ीमत उसकी
दुख ये नहीं
कि इक अरसे पहले उसने ठुकरा दिया था मुझे
दुख इस बात का
आज किसी दूसरे घर में रद्दी बराबर क़ीमत है उसकी
Monday, September 8, 2025
प्रावधान पाप धोने का
मन समझावा है सारा ए दोस्त
फ़ायदा नहीं कोई अफ़सोस करके रोने का
पाप पुण्य है आम आदमी के लिए
धर्म के ठेकेदारों ने
हर धर्म में प्रावधान रखा है पाप धोने का
Sunday, September 7, 2025
बेज़ुबान है हर शायर
कहाँ से ढूँढ लाऊँ हर्फ़
तेरे हुस्न के क़ाबिल
बेज़ुबान है हर शायर
तेरी इक झलक के बाद
Saturday, September 6, 2025
तिनका तिनका ख़ुद को समेटा है मैंने
इश्क़ की आँधी आई थी मेरे भी आँगन
इक उम्र तिनका तिनका ख़ुद को समेटा है मैंने
Wednesday, September 3, 2025
Tuesday, August 26, 2025
मैं लड़ता रहा जिस से
अजब दास्ताँ रही मेरे इश्क़ की
इक उम्र मैं लड़ता रहा उससे,,, उसी के लिए
credit- Jaswinder Singh Baidwan
Wednesday, October 30, 2024
बेशुमार होता जा रहा है तू पास मेरे
अब किस तरह रखूँ मैं सँभाल कर तुझे,
बेशुमार होता जा रहा है तू पास मेरे
Saturday, October 19, 2024
तालियाँ
कुछ नुमाइश तो ज़रूरी है मेरे भी ज़ख़्मों की
..बजाई हैं बहुत तालियाँ मैंने भी दुनिया के मेले में
Saturday, October 12, 2024
Rabb e ban jaaye banda
kamiyan har ikk ch hundiyan
kamiyan bin kaahda dhanda
j kamiyan na hon tan
"BAIDWANA" rabb e ban j banda
Tuesday, October 8, 2024
ख़्वाहिशें - फ़रमाइशें
ख्वाहिशों से दूरी बना कर रखना ए दोस्त
करेंगी फरमाइशें वही जो ना होगा नसीब में
Sunday, September 29, 2024
एकांत
जिस वक्त ने छीना है सब कुझ
उसी वक्त ने बहुत सिखाया है मुझे
भूल गया था किरदार अपना
मैं इस भीड़ में अपनों की
इस एकांत ने इंसान बनाया है मुझे
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