Thursday, July 11, 2024

कौनसे जहाँ का खुदा है तू …

टेक लिए माथे सब जगह 

पहन के देख लिए ताबीज़ सारे 

फिर भी नज़रंदाजी तेरी घटती ही नहीं 

मेरी समझ से बाहर है 

सनम कौनसे जहाँ का खुदा है तू

Thursday, July 4, 2024

उस्ताद तेरा

दात देते हैं तेरी नज़रंदाजी के हुनर को 

उस्ताद तेरा ज़रूर कोई दिलजला होगा 

तजुर्बा

कुछ ना मिला इश्क़ से हमें

बस इक तजुर्बे के सिवा 

ज़िम्मेदारी

मैं खुद ही ले लेता हूँ ज़िम्मेवारी सारी

हमारे रिश्ते के हषर की

तू खुद को बेवज़ह बेक़सूर साबित ना कर 


ज़िंदगी मौत

ज़िंदगी सफ़र है ठोकरों का 

दोस्त ! गले तो आख़िर मौत ही लगाएगी 

अधूरा तेरे जाने के बाद

तुझे मिलने से पहले भी अकेला ही था मैं

ना जाने अब क्यूँ हो गया हूँ अधूरा तेरे जाने के बाद

Wednesday, July 3, 2024

सिखा रहा है हमें

कैसे भरनी है उड़ान सिखा रहा है हमें 

जो खुद क़ैद है पिंजरे में