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Friday, September 12, 2025

कलयुग

उसे मानना ईच्छा नहीं एक सुखी इंसान की बस मजबूरी एक डरे हुए लाचार की है कलयुग है पार्थ यहाँ तलाश भगवान की नहीं चमत्कार की है

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